-
275
छात्रछात्र: 275
-
185
छात्राएंछात्राएं: 185
-
18
कर्मचारीशैक्षिक: 15
गैर-शैक्षिक: 3
परिकल्पना
- के. वि. सं. उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षिक प्रयासों के माध्यम से उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए अपने छात्रों को ज्ञान/मूल्य प्रदान करने और उनकी प्रतिभा, उत्साह और रचनात्मकता का पोषण करने में विश्वास रखता है।
उद्देश्य
- शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना है।
- स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने और गति निर्धारित करने के लिए।
- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) आदि जैसे अन्य निकायों के सहयोग से शिक्षा में प्रयोग और नवाचारों को शुरू करना और बढ़ावा देना।
- राष्ट्रीय एकता की भावना का विकास करना और बच्चों में “भारतीयता” की भावना पैदा करना।

पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय क्र.1 बलंगीर
उत्पत्ति
पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय क्र. 1 बोलांगीर, आयुध निर्माणी बड़माल की स्थापना वर्ष 1988 में केंद्रीय विद्यालय संगठन के तत्वावधान में की गई थी। विद्यालय की स्थापना का मुख्य उद्देश्य आयुध निर्माणी, बादमाल के कर्मचारियों तथा अन्य स्थानांतरणीय केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना था।......
विद्यालय के दृष्टिकोण के बारे में
केंद्रीय विद्यालय संगठन का दृष्टिकोण केंद्रीय सरकार के स्थानांतरणीय कर्मचारियों तथा अन्य पात्र श्रेणियों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना, शैक्षिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देना तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास को सुनिश्चित करना है।
विद्यालय के उद्देश्य के बारे में
केंद्रीय विद्यालय संगठन का मिशन है: केंद्रीय सरकार के स्थानांतरणीय कर्मचारियों, जिनमें रक्षा एवं अर्धसैनिक बलों के कर्मचारी भी शामिल हैं, के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को एक समान शैक्षिक व्यवस्था के माध्यम से पूरा करना।..
संदेश
श्री विकास गुप्ता, भा. प्र. से., आयुक्त
शिक्षक दिवस 2026 के अवसर पर मैं देश के समस्त शिक्षक समुदाय को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करता हूँ।
आज जब शिक्षा का क्षेत्र तीव्र गति से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, तब भी शिक्षण की मूल भावना और उसका सार शाश्वत है। देशभर के केन्द्रीय विद्यालयों में हमारे शिक्षक पूर्ण समर्पण, प्रतिबद्धता और अटूट उत्साह के साथ शिक्षा के उद्देश्य को आगे बढ़ा रहे हैं।
श्री सरदार सिंह चौहान
उपायुक्त
तत्कर्म यन्न बंधाय सा विद्या या विमुक्तये। आयासायापरम कर्म विद्यान्या शिल्पनैपुणम ।। – श्री विष्णुपुराण अर्थात जो बंधन उत्पन्न न करे वह कर्म है और जो मुक्ति का मार्ग प्रशस्त करे वह विद्या है। शेष कर्म तो परिश्रम स्वरूप है तथा अन्य विधायें तो मात्र कला कौशल ही है। भारतीय ऋषि -मुनियों व मनीषियों ने ज्ञान (विद्या) को मनुष्य की मुक्ति का साधन कहा है। मनुष्य को भय, भूख, दुर्विकार , दुष्प्रवृत्तियाँ , दुराचरण, निर्बलता , दीनता व हीनता ,रोग-शोक इत्यादि से मुक्ति की अभिलाषा अनंतकाल से है। श्री विष्णुपुराण का उपरोक्त महावाक्य हमें यही संदेश देता है कि मनुष्य को ज्ञान के द्वारा अपने समस्त क्लेशों से मुक्ति पाने का पुरुषार्थ करना चाहिए | विद्या त्याग और तपस्या का सुफल होती है इसीलिए ज्ञान की उपलब्धि सदैव श्रमसाध्य है| आइये , हम सभी अनुशासित होकर, समर्पित भाव से समस्त उपलब्ध साधनों का मर्यादापूर्वक उपभोग करते हुए ज्ञानार्जन का सद्प्रयास करें| अपनी दिनचर्या में उचित आहार , विहार और विचार का समावेश करते हुए व्यक्ति के रूप मे प्रकृति प्रदत्त अनंत संभावनाओं को ज्ञान की पवित्र ऊर्जा के आलोक में पल्लवित व पुष्पित करें | हम सभी कृष्ण यजुर्वेद के तैत्रीय उपनिषद के इस सूत्र का प्रतिदिन अपने विद्यालयों में प्रातःकालीन प्रार्थना सभा में सस्वरपाठ करते हैं :- ॐ सह नाववतु सह नौ भुनक्तु , सह वीर्यम करवावहै | तेजस्वि नावधीतमत्सु मा विद्विषावहै, ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः।। आइये , इस सूत्र में छुपे महान संदेश को समझें और अपने जीवन में आत्मसात कर अपना नित्य कर्म करें | मैं , भुवनेश्वर संभाग के समस्त अधिकारियों , प्राचार्यों , शिक्षकों , विद्यार्थियों व कार्मिकों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करता हूँ और सभी के लिए सफल व सुखद भविष्य की कामना करता हूँ |
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श्री रोहित चौधरी
प्राचार्य
शिक्षा का मतलब उत्तर प्रदान करना नहीं है। इसका मतलब है विद्यार्थी को अपने लिए और अपने भीतर उत्तर खोजने के साधन प्रदान करना। शिक्षा विद्यार्थियों को स्वयं को खोजने का अधिकार देती है - वे कौन हैं। हम यहाँ केन्द्रीय विद्यालय नंबर 1, बोलंगीर में मानते हैं कि शिक्षा का उद्देश्य चरित्र निर्माण है। हम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हैं, जहाँ प्रत्येक विद्यार्थी की प्रतिभा और अंतर्निहित गुणों का पोषण किया जाता है, आत्म-अनुशासन को उच्च प्राथमिकता दी जाती है, जो अप्रत्यक्ष रूप से आत्म-साक्षात्कार के मार्ग पर ले जाती है। यह विद्यालय आयुध निर्माण बड़माल के एक हवादार और सुंदर परिसर में स्थित है, जो हरे-भरे वातावरण से घिरा हुआ है। छोटे बच्चे कुरकुरी स्वच्छ पहाड़ी हवा में खिलते हैं। यह विद्यालय विनम्रता, करुणा और सच्चाई विकसित करने के लिए नैतिक मूल्यों को आत्मसात करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। हम सुखद मानवता से भरे पुण्य और शांतिपूर्ण समृद्धि की ओर ले जाने वाले मार्ग प्रशस्त करते हैं।
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शैक्षणिक योजनाकार
शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए मासिक गतिविधियों एवं प्रमुख कार्यक्रमों की योजनाबद्ध रूपरेखा।
शैक्षिक परिणाम
विद्यालय के विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन एवं बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों की जानकारी।
बाल वाटिका
पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय क्र. 1 बोलांगीर, आयुध निर्माणी बड़माल में बाल वाटिका का संचालन शीघ्र प्रारंभ होने की संभावना है।
निपुण लक्ष्य
प्रत्येक बच्चे में आधारभूत साक्षरता एवं संख्याज्ञान दक्षताओं के विकास को सुनिश्चित करने की पहल।
शैक्षणिक हानि कार्यक्रम का मुआवजा (सीएएलपी)
विद्यार्थियों की अधिगम संबंधी कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करने एवं शैक्षणिक प्रगति को सुदृढ़ करने की पहल।
अध्ययन सामग्री
विद्यार्थियों के प्रभावी अधिगम एवं अभ्यास के लिए विभिन्न प्रकार की अध्ययन एवं शिक्षण-अधिगम सामग्री उपलब्ध कराई जाती है।
कार्यशाला और प्रशिक्षण
शिक्षकों के क्षमता निर्माण एवं व्यावसायिक विकास के लिए विभिन्न कार्यशालाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन।
विद्यार्थी परिषद
विद्यालय में विद्यार्थी परिषद के माध्यम से विद्यार्थियों में नेतृत्व, जिम्मेदारी, अनुशासन एवं सहभागिता की भावना विकसित की जाती है।
अपने स्कूल को जानें
पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय क्र. 1 बोलांगीर, आयुध निर्माणी बड़माल के विद्यालय परिचय, सुविधाओं एवं प्रमुख गतिविधियों की जानकारी।
अटल टिंकरिंग लैब
पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय क्र. 1 बोलांगीर, आयुध निर्माणी बड़माल में वर्तमान में अटल टिंकरिंग लैब की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
डिजिटल भाषा लैब
पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय क्र. 1 बोलांगीर, आयुध निर्माणी बड़माल में वर्तमान में डिजिटल भाषा लैब की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
आईसीटी - ई-क्लासरूम एवं प्रयोगशालाएँ
विद्यालय में वर्तमान में 10 ई-क्लासरूम एवं 1 कंप्यूटर लैब उपलब्ध हैं, जो तकनीक-सक्षम एवं प्रभावी शिक्षण-अधिगम में सहायक हैं।
पुस्तकालय
शैक्षणिक सत्र 2024-25 में पीएम श्री योजना के अंतर्गत विद्यालय के पुस्तकालय में 12 कंप्यूटरों से युक्त डिजिटल पुस्तकालय स्थापित किया गया।
प्रयोगशालाएँ - भौतिकी/रसायन विज्ञान/जीवविज्ञान
विद्यालय में समर्पित भौतिकी प्रयोगशाला तथा रसायन विज्ञान एवं जीवविज्ञान के लिए संयुक्त प्रयोगशाला उपलब्ध है, जहाँ विद्यार्थी प्रयोगात्मक अधिगम करते हैं।
भवन एवं बाला पहल
बाला पहल के अंतर्गत विद्यालय में विषय-आधारित दीवार चित्रकारी, 3-D मैथ ट्रेल तथा Parts of Speech मॉडल जैसी शिक्षण-सहायक गतिविधियाँ विकसित की गई हैं।
खेल अवसंरचना (खेल के मैदान)
विद्यालय में लगभग 2.5 एकड़ का विस्तृत खेल मैदान तथा प्राथमिक विद्यार्थियों के लिए लगभग 0.133 एकड़ का खेल क्षेत्र उपलब्ध है।
एसओपी/एनडीएमए
विद्यालय में आपदा प्रबंधन एवं सुरक्षा के लिए एसओपी तथा एनडीएमए के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आवश्यक सुरक्षा प्रक्रियाओं एवं मॉक ड्रिल का पालन किया जाता है।
खेल
केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक-1 बोलांगीर में खेल सामग्री सहित एक खेल कक्ष है।
एनसीसी/स्काउट एवं गाइड
केन्द्रीय विद्यालय नंबर-1 बोलांगीर में एक एनसीसी (सेना) इकाई और स्काउट
शिक्षा भ्रमण
केन्द्रीय विद्यालय नंबर-1 बोलांगीर छात्रों के लिए विभिन्न शैक्षिक भ्रमण या क्षेत्र भ्रमण आयोजित करता
ओलम्पियाड
केन्द्रीय विद्यालय नंबर-1 बोलांगीर छात्रों के लिए विभिन्न ओलंपियाड जैसे एसओएफ,
प्रदर्शनी - एनसीएससी/विज्ञान/आदि
केन्द्रीय विद्यालय नंबर-1 बोलांगीर छात्रों के लिए एनसीएससी/विज्ञान/बाल वैज्ञानिक/प्रयास
एक भारत श्रेष्ठ भारत
केन्द्रीय विद्यालय नंबर-1 बोलांगीर छात्रों के लिए एक भारत श्रेष्ठ
हस्तकला या शिल्पकला
केन्द्रीय विद्यालय नंबर-1 बोलांगीर छात्रों के लिए विभिन्न कला और शिल्प
आनंद वार
केन्द्रीय विद्यालय नंबर-1 बोलांगीर नृत्य जैसी विभिन्न गतिविधियों का संचालन करता है।
युवा संसद
केंद्रीय विद्यालय नंबर-1 बोलांगीर युवा संसद के तहत विभिन्न गतिविधियों का संचालन करता है।
पीएम श्री स्कूल
केन्द्रीय विद्यालय नंबर-1 बोलांगीर को दूसरे चरण में पीएम श्री स्कूल के रूप
कौशल शिक्षा
केंद्रीय विद्यालय नंबर-1 बोलांगीर छात्रों के कौशल विकास
मार्गदर्शन एवं परामर्श
केन्द्रीय विद्यालय नंबर-1 बोलांगीर छात्रों के लिए मार्गदर्शन और परामर्श
सामाजिक सहभागिता
केन्द्रीय विद्यालय नंबर-1 बोलांगीर स्वच्छता अभियान, जागरूकता कार्यक्रम
विद्यांजलि
केंद्रीय विद्यालय नंबर-1 बोलांगीर छात्रों की जरूरतों को पूरा करने
प्रकाशन
केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक-1 बोलांगीर समय-समय पर विभिन्न लेख प्रकाशित
समाचार पत्र
केन्द्रीय विद्यालय नंबर-1 बोलांगीर गतिविधियों का त्रैमासिक ई-समाचार पत्र
विद्यालय पत्रिका
केन्द्रीय विद्यालय नंबर-1 बोलांगीर हर साल अपनी वार्षिक विद्यालय पत्रिका
देखें क्या हो रहा है ?
विद्यार्थियों तथा विद्यालय में नवाचार के बारे में समाचार एवं कहानियाँ
14 विद्यार्थियों ने क्षेत्रीय स्तर के खेलों में स्थान प्राप्त किया तथा 5 का चयन राष्ट्रीय स्तर के लिए हुआ।
5/09/2024
केवी क्रमांक-1 बलांगीर में शिक्षक दिवस समारोह
14/08/2024
केवी क्रमांक-1 बलांगीर की छात्र परिषद
उपलब्धियाँ
शिक्षक
विद्यार्थी
नवप्रवर्तन
मातृभाषा के माध्यम से शिक्षण
03/09/2024
कक्षा एक के विद्यार्थियों को मातृभाषा के माध्यम से पढ़ाना
श्रेष्ठ विद्यालय टॉपर्स
सीबीएसई बोर्ड परीक्षा कक्षा दसवीं और कक्षा बारहवीं
कक्षा दसवीं
कक्षा बारहवीं
विद्यालय परिणाम
वर्ष 2023-24
39 शामिल हुए 39 उत्तीर्ण हुए
वर्ष 2022-23
50 शामिल हुए 50 उत्तीर्ण हुए
वर्ष 2021-22
62 शामिल हुए 61 उत्तीर्ण हुए
वर्ष 2020-21
66 शामिल हुए 66 उत्तीर्ण हुए
वर्ष 2025-26
28 शामिल हुए 28 उत्तीर्ण हुए
वर्ष 2023-24
12 शामिल हुए 12 उत्तीर्ण हुए
वर्ष 2022-23
31 शामिल हुए 31 उत्तीर्ण हुए
वर्ष 2021-22
29 शामिल हुए 27 उत्तीर्ण हुए
वर्ष 2020-21
15 शामिल हुए15 उत्तीर्ण हुए
वर्ष 2025-26
10 शामिल हुए 10 उत्तीर्ण हुए